आष्टा में छात्रों को साइबर ठगी से बचने के गुर सिखाए, पुलिस ने दिलाई साइबर सुरक्षा की शपथ
आष्टा, सीहोर। डिजिटल दौर में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों को देखते हुए आष्टा पुलिस ने विद्यार्थियों को ऑनलाइन ठगी से बचने के लिए जागरूक किया। मंगलवार को सांदीपनि हायर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों ने छात्रों को डिजिटल अरेस्ट, ओटीपी फ्रॉड, यूपीआई फ्रॉड, फर्जी लोन ऐप, निवेश और टास्क स्कैम जैसी साइबर ठगी के नए तरीकों की जानकारी दी। साथ ही इंटरनेट का सुरक्षित उपयोग करने और साइबर अपराधों से सतर्क रहने की शपथ भी दिलाई गई।
पुलिस अधीक्षक सोनाक्षी सक्सेना के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुनीता रावत एवं एसडीओपी आष्टा दामोदर गुप्ता के मार्गदर्शन में आयोजित इस जागरूकता कार्यक्रम में उपनिरीक्षक किरण सिंह राजपूत, उपनिरीक्षक अनिल डोडीयार एवं पुलिस स्टाफ ने विद्यार्थियों को साइबर अपराधों से बचाव के व्यावहारिक उपाय बताए।
कार्यक्रम के दौरान छात्रों को समझाया गया कि किसी भी व्यक्ति के साथ अपना ओटीपी, पासवर्ड, सीवीवी या बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी साझा न करें। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बैंक, पुलिस, सीबीआई, ईडी या अन्य सरकारी एजेंसियां कभी भी फोन या वीडियो कॉल पर ओटीपी नहीं मांगतीं और न ही किसी को "डिजिटल अरेस्ट" करती हैं। ऐसी कॉल पूरी तरह फर्जी होती हैं।
विद्यार्थियों को अज्ञात लिंक पर क्लिक करने, अनजान मोबाइल एप डाउनलोड करने तथा सोशल मीडिया पर मिलने वाले "घर बैठे कमाई", टास्क और निवेश के आकर्षक ऑफरों से दूर रहने की सलाह दी गई। साथ ही सोशल मीडिया खातों में टू-स्टेप वेरिफिकेशन चालू रखने की भी जानकारी दी गई।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर ठगी हो जाती है तो बिना समय गंवाए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर सूचना दें तथा राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें। समय रहते शिकायत करने पर ठगी गई राशि को रोकने या वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षकों ने पुलिस की इस पहल की सराहना करते हुए विद्यार्थियों से साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने और सीखी गई जानकारी को अपने परिवार एवं आसपास के लोगों तक भी पहुंचाने का आग्रह किया।