मिच्छामि दुक्कड़म्” के भाव से गूंजा क्षमावाणी पर्व, विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ने भी समाज से मांगी क्षमा
श्वेतांबर जैन समाज के आयोजन में जनप्रतिनिधि, पत्रकार एवं सामाजिकजन हुए शामिल, धार्मिक अनुष्ठानों में सहभागी रहे महिला-पुरुषों एवं बच्चों का हुआ सम्मान
आष्टा। पर्युषण पर्व के समापन अवसर पर श्री श्वेतांबर जैन श्रीसंघ आष्टा द्वारा श्री नेमिनाथ श्वेतांबर जैन मंदिर, किला परिसर में सामूहिक क्षमावाणी पर्व का गरिमामय आयोजन किया गया। आयोजन में आष्टा विधायक श्री गोपालसिंह इंजीनियर सहित जनप्रतिनिधि, पत्रकारगण, नगर के वरिष्ठ सामाजिकजन एवं बड़ी संख्या में नागरिक शामिल हुए।
आष्टा की सामाजिक परंपरा रही है कि नगरवासी धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों में अपनी सामर्थ्य के अनुसार बढ़-चढ़कर सहभागिता करते हैं। यही सामाजिक सद्भाव और आत्मीयता श्वेतांबर जैन समाज के क्षमावाणी पर्व में भी दिखाई दी। नगर सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में नागरिक आयोजन में शामिल हुए और चातुर्मास के लिए विराजित पूज्य मुनिश्री के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
धार्मिक अनुष्ठानों में सहभागी रहे महिला-पुरुषों और बच्चों का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान श्रीसंघ की ओर से पर्युषण पर्व के दौरान विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों एवं आयोजनों में अपनी भूमिका निभाने वाले महिला-पुरुषों एवं बच्चों का सम्मान कर उन्हें प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। समाजजनों की सहभागिता और सेवा भावना की सराहना की गई।
इस अवसर पर प्रभात धारीवाल ने भी भावपूर्ण अभिव्यक्ति दी। उन्होंने धार्मिक आयोजनों में समाज की एकजुटता और निस्वार्थ सहभागिता को महत्वपूर्ण बताते हुए समाजजनों से अपनी स्वेच्छा एवं सामर्थ्य के अनुसार सहयोग करते रहने का आह्वान किया।
मन, वचन और कर्म से मांगी क्षमा
क्षमावाणी पर्व का मूल भाव ही क्षमा, आत्मचिंतन और आपसी मैत्री है। इसी भावना के साथ उपस्थित समाजजनों ने वर्षभर में हुई किसी भी ज्ञात-अज्ञात भूल, चूक अथवा व्यवहार से किसी को ठेस पहुंची हो तो उसके लिए मन, वचन और कर्म से क्षमा याचना की।
एक-दूसरे से क्षमा मांगते हुए समाजजनों ने आपसी प्रेम, सद्भाव, भाईचारे और मैत्री का संदेश दिया। पूरे आयोजन में “मिच्छामि दुक्कड़म्” की भावना प्रमुख रूप से दिखाई दी।
विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ने भी कहा मुझसे कोई भूल हुई हो तो क्षमा करें
कार्यक्रम में शामिल हुए विधायक श्री गोपालसिंह इंजीनियर ने सबसे पहले पूज्य गुरुवरों के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके बाद उन्होंने सकल श्वेतांबर जैन समाज को संबोधित करते हुए कहा कि गलतियां सभी से होती हैं। उनसे भी कहीं कोई भूल या गलती हुई हो तो वे समाज के सभी बंधुओं से क्षमा मांगते हैं।
विधायक ने कहा कि “क्षमा मांगने से कोई छोटा नहीं होता, बल्कि क्षमा करना वीरों की निशानी है। आप सभी भगवान महावीर स्वामी के अनुयायी हैं, आप सभी वीर हैं। यदि मुझसे भी जाने-अनजाने में कोई भूल या गलती हुई हो, किसी को मेरी कोई बात बुरी लगी हो या किसी के मान-सम्मान को ठेस पहुंची हो तो मैं मन, वचन और कर्म से क्षमा मांगता हूं। मुझे विश्वास है कि आप सभी मुझे क्षमा करेंगे और अपना आशीर्वाद बनाए रखेंगे।”
विधायक ने समाजजनों से मिले स्नेह और आशीर्वाद के प्रति आभार भी व्यक्त किया।
कार्यक्रम के दौरान श्री श्वेतांबर जैन श्रीसंघ के अध्यक्ष पवन सुराणा के नेतृत्व में श्रीसंघ की ओर से विधायक श्री गोपालसिंह इंजीनियर का स्वागत एवं सम्मान किया गया।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर सामूहिक क्षमावाणी एवं स्वामीवात्सल्य का आयोजन भी किया गया। पूरे आयोजन में श्रद्धा, आत्मीयता, सामाजिक एकजुटता और परस्पर क्षमा का भाव देखने को मिला।
आष्टा में आयोजित इस गरिमामय क्षमावाणी पर्व ने भगवान महावीर स्वामी के क्षमा, अहिंसा, मैत्री और आत्मशुद्धि के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का सुंदर संदेश दिया।