वीआईटी विश्वविद्यालय प्रबंधन सरकार के संरक्षण में छात्रों के साथ अन्याय कर रहा है उसकी जांच एसआईटी गठित कर की जाए - हरपाल ठाकुर

वीआईटी विश्वविद्यालय प्रबंधन सरकार के संरक्षण में छात्रों के साथ अन्याय कर रहा है उसकी जांच एसआईटी गठित कर की जाए - हरपाल ठाकुर

आष्टा - वीआईटी विश्वविद्यालय प्रबंधन द्वारा शोषण से उत्पन्न छात्रों मैं आक्रोश से घटित घटनाक्रम को लेकर ब्लॉक कांग्रेस के नेतृत्व में आज कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री एवं अनुविभागीय अधिकारी के नाम तहसीलदार राम पगारे को ज्ञापन सौंपकर एस आई टी गठित कर जांच करवाने की मांग की उपरोक्त अवसर पर अखिल भारतीय कांग्रेस सदस्य हरपाल ठाकुर ने कहा कि वीआईटी विश्वविद्यालय प्रबंधन द्वारा छात्रों पर किए जा रहे शोषण के कारण 25 नवंबर को परिसर के अंदर अप्रिय स्थिति बनी जिससे स्पष्ट होता है कि प्रबंधन द्वारा छात्रों को ना तो साफ पानी और ना ही शुद्ध खाना दिया जा रहा था जब कई छात्र बीमार हुए और छात्रों ने समस्याओं को लेकर प्रबंधन से बात कर रहे थे तभी प्रबंधन के इसारे पर सुरक्षा गार्ड द्वारा छात्रों के साथ मारपीट की गई जिससे छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा और छात्रों द्वारा उग्र प्रदर्शन किया गया वीआईटी विश्वविद्यालय प्रबंधन द्वारा छात्रों के साथ किया जा रहे शोषण की एवं अन्य खामियों की सरकार एस आई टी गठित कर जांच करवाये ताकि भविष्य में दोबारा इस प्रकार की घटना दोबारा घटित ना हो और छात्रों का शोषण बंद हो विश्वविद्यालय प्रबंधन द्वारा छात्रों से मोटी फीस के साथ हॉस्टल में मेश के नाम पर बड़ी रकम ली जाती है और उसके बदले छात्रों को ना तो साफ पानी और ना ही अच्छा खाना देते हैं साथ ही परिसर के अंदर पानी की बोतल से लेकर सभी सामग्री अधिक दामों पर बेचकर छात्रों के साथ लूट की जाती है सोचिए 12000 छात्रों से कितनी बड़ी राशि लूट की जाती होगी ब्लॉक कांग्रेस ने आज स्थानीय प्रशासन एवं मुख्यमंत्री के नाम दो ज्ञापन दिए जिसमें वीआईटी विश्वविद्यालय प्रबंधन मैं घटित घटना एवं उसकी कमियों की जांच एसआईटी गठित कर करवाने के लिए मांग की गई है इसके साथ ही प्रबंधन द्वारा खरीदी गई भूमि किन लोगों से ली गई और क्या उसमें कोई किसान जो की पट्टाधारी था उससे भी जमीन खरीदी गई है उसकी पूरी जांच की जाए की और विश्वविद्यालय परिसर का सीमांकन किया जाए विश्वविद्यालय द्वारा किसानों के रास्ते पर अतिक्रमण किया गया है उसको हटाकर विश्वविद्यालय का जिस भी शासकीय भूमि पर कब्जा है उसे मुक्त कराई जाए इसके साथ ही वीआईटी विश्वविद्यालय प्रबंधन द्वारा जो निर्माण कार्य किए गए हैं उनकी परमिशन एवं शासन को दिए जाने वाले टैक्स की भी विस्तृत जांच की जाए वीआईटी विश्वविद्यालय में प्रबंधन द्वारा छात्रों को डरा धमकाकर उनके साथ अन्याय किया जाता है यदि कोई छात्र प्रबंधन के खिलाफ कोई आवाज उठाता है तो उसका निष्कासन कर दिया जाता है हरपाल ठाकुर ने कहा की वीआईटी विश्वविद्यालय प्रबंधन को प्रदेश सरकार एवं मुख्यमंत्री का संरक्षण प्राप्त है तभी तो घटना के बाद प्रभारी मंत्री कृष्णा गौर विश्वविद्यालय परिसर में कलेक्टर एसपी के साथ दौरा करती है और सामने आकर बयान देती है कि वहां पर सब सामान्य है मीडिया और सोशल मीडिया के द्वारा अफवाह उड़ाई गई इस बात से प्रबंधन के रसूक का पता चलता है कि जब प्रभारी मंत्री कलेक्टर एसपी के सामने बिना जांच किए वीआईटी विश्वविद्यालय प्रबंधन को क्लीन चिट दे देगी तो कोई भी जांच अधिकारी क्या उसके खिलाफ रिपोर्ट देने का साहस करेगा और यदि कोई दे भी देगा तो क्या सरकार कार्रवाई करेगी यह सोचने योग्य है सरकार के संरक्षण में प्रबंधन व्यापारी की तरह व्यवहार कर रहा है ना की शिक्षण संस्थान की तरह इस पर रोक लगनी चाहिए ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष जितेंद्र शोभाखेड़ी ने कहा कि छात्रों के साथ जिन सुरक्षा गार्ड्स ने मारपीट की है उनको तत्काल गिरफ्तार किया जाए और सुरक्षा कर्मी द्वारा छात्रों के साथ मारपीट प्रबंधन के कहने पर की गई है इसलिए प्रबंधन के खिलाफ भी एफ आई आर दर्ज कर उनको तत्काल गिरफ्तार किया जाए इसके साथ ही जो छात्रों को अपने घर जाने में और असुविधा हुई है और साथ ही जो उनके पैसे लगे हैं वह प्रबंधन प्रत्येक छात्रों को अपने खाते से दे यदि प्रशासन और सरकार द्वारा वीआईटी विश्वविद्यालय प्रबंधन के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो कांग्रेस पार्टी आने वाले समय में अपना प्रदर्शन एवं जरूरत पड़ी तो तहसील कार्यालय और जिला कलेक्टर कार्यालय का घेराव करेगी परंतु छात्रों के साथ किसी प्रकार का अन्याय नहीं होना चाहिए आने वाले समय में यदि कोई भी अप्रिय घटना घटती है तो उसके संपूर्ण जवाबदारी शासन एवं प्रशासन की होंगी जांच में जो सैंपल फेल हुए हैं उसके आधार पर प्रशासन को वीआईटी विश्वविद्यालय प्रबंधन के खिलाफ ठोस कार्रवाई करना चाहिए वीआईटी विश्वविद्यालय प्रबंधन की जमीन का सीमांकन कर प्रबंधन द्वारा किसानों के रोके गए रास्ते एवं सरकारी भूमि पर किए गए अतिक्रमण को तत्काल हटाया जाए उपरोक्त अवसर पर एआईसीसी सदस्य हरपाल ठाकुर, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष जितेंद्र शोभाखेड़ी, नगर कांग्रेस अध्यक्ष जाहिद गुड्डू, जिला पंचायत सदस्य कमल सिंह चौहान, गुलाब बाई ठाकुर, ग्रामीण अध्यक्ष महेश मुंदीखेड़ी ,सुनील कटारा,एच आर परमाल ,नरेन कुशवाह घनश्याम जांगड़ा ,राजकुमार मालवीय ,खालिद पठान,तौसीफ उद्दीन,फेज उद्दीन,लोकेंद्र बनवट, डॉ हरि मेवाड़ा,रमेश मेवाड़ा, शैलेस राठौड़,निसार मसूदी, रिजवान माहिर,अजय सिंह अर्जुन, शहीद टेलर,रामचरण डावरिया, बंशीलाल बॉम्बे ,डॉ लखन बापचा,दिलीप मालवीय,देवेन परमार, सनोवर खान,पुष्पेंद्र सिंह, राहुल पटारिय, गोरे मियां, कमल सेठ, शंकर सोनी,अन्वेष पटेल,अंशुपाल मुगली,अखिलेश राजपूत,यशवंत मालवीय,नवाब बेरी, देवराज परमार,शंकर सक्सेना, बन्ने खा,राजकुमार नौगांव, मसूद खान,पुष्पराज बागैर, फिरोज भोपाली, राजेश सोलंकी, कृपाल तोमर, अजय वीके, दीपक गोस्वामी,दिग्विजय पटेल, शंकर बोडाना, नितिन ठाकुर,सवाई भाटी दोनिया आदि मौजूद रहे

You may also like

VIT भोपाल मामले में NHRC सख्त, सरकार और UGC से मांगी कार्रवाई रिपोर्ट

VIT भोपाल मा�...

'Nobody knows truth': Akhilesh dismisses seat-sharing figures amid Cong's demand

'Nobody knows truth': Akhil...

Netanyahu orders sweeping West Bank offensive after deadly Hebron attack

Netanyahu orders sweeping W...

England's 330-acre wheat farm turned wild; 5,290 butterflies counted in 2 years

England's 330-acre wheat fa...

Share this article: WhatsApp Facebook